साँवरी सुरतिया नैन कजरारे
तेरी अदा, पे हम दिल हारे ।
मोर मुकुट पीतांबर सोहे
कान्हा मेरे मन को मोहे ।
तेरी तिरछी नजर जादू डारे,
तेरी अदा पे हम दिल हारे ।
लटक मटक के जब तू डोले
धड़कन मेरी धक धक बोले ।
तेरे उलझे बाल घूँघरारे ।
तेरी अदा पे हम दिल हारे ।।
नींद उड़ाये तेरी मुरली का तान
चैन चुराये कान्हा मीठी मुस्कान ।
जाने कान्हा क्या तू जादू डारे ।
तेरी अदा पे हम दिल हारे ।।
तेरे नाम की मेंहदी रचाई
तुझ संग मोहन प्रीत लगाई
मीरा "जपती नाम सुबह शाम रे ।
तेरी अदा पे हम दिल हारे ।
साँवरी सुरतिया नैन कजरारे
तेरी अदा पे हम दिल हारे ।
केवरा यदु "मीरा "
राजिम
