बसो मेरे नैनन में नंदलाल
मोहनी मूरत सांवरिया की
नैना कटीले कमाल ।
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
तेरी मुरलिया पे बलि बलि जाऊँ
रज बन चरणों में बस जाऊँ ।
मेरे मन मोहन गोपाल।
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
छम छम बाजत पग पायलिया
चैन चुराये तेरी बाँसुरिया ।
तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल चाल ।
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
तेरे लिये सारा जग छोड़ा
तुमसे सांवरे नाता जोड़ा ।
ये जग माया जंजाल।
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
तेरे सिवा नहीं कोई सहारा
तूही है मोहन मेरा रखवाला ।
अब बाँह पकड़ तू सम्भाल ।
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
ओढी चुनरिया तेरे नाम की
मेंहदी रचाई श्याम नाम की
तेरे नाम की बिंदिया भाल ।
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
केवरा यदु "मीरा "
राजिम (छ॰ग)
